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मराठी

हारलोय मी

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हारलोय मी ,खुप निराश झालोय मी पदोपदी अपयशी ठरलोय मी नाही ईथे कुणालाच माझी जरूर भूईला भार होऊन का जगतोय मी       ✍️अनिल रघाणी 🙏🏻                "रज-निल"          (काल्पनिक रचना)